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19 August 2016

वैवस्वत मनु

                                                       वैवस्वत मनु --------------------

ब्रह्मा के पुत्र मरीचि के कुल में वैवस्वत मनु हुए। एक बार जलप्रलय हुआ और धरती के अधिकांश प्राणी मर गए। उस काल में वैवस्वत मनु को भगवान विष्णु ने बचाया था। वैवस्वत मनु और उनके कुल के लोगों ने ही फिर से धरती पर सृजन और विकास की गाथा लिखी।वैवस्वत मनु को आर्यों का प्रथम शासक माना जाता है। उनके 9 पुत्रों से सूर्यवंशी क्षत्रियों का प्रारंभ हुआ। मनु की एक कन्याभी थी- इला। उसका विवाह बुध से हुआ, जो चंद्रमा का पुत्रथा। उनसे पुरुरवस् की उत्पत्ति हुई, जो ऐल कहलाया जोचंद्रवंशियों का प्रथम शासक हुआ। उसकी राजधानीप्रतिष्ठान थी, जहां आज प्रयाग के निकट झांसी बसी हुई है।वैवस्वत मनु के कुल में कई महान प्रतापी राजा हुए जिनमेंइक्ष्वाकु, पृथु, त्रिशंकु, मांधाता, प्रसेनजित, भरत, सगर, भगीरथ, रघु, सुदर्शन, अग्निवर्ण, मरु, नहुष, ययाति, दशरथ और दशरथ के पुत्र भरत, राम और राम के पुत्र लव और कुश। इक्ष्वाकु कुल से ही अयोध्या कुल चला।

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