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06 June 2012

भाष्यम्




भाष्यम्

सूत्रे प्रयुक्तपदनुसारं यत्र सूत्रार्थवर्णनं क्रियते तथा च ग्रन्थकारः आत्मना प्रस्तुतानि पदानि वर्णयति यत्र तद्भास्यम् इत्युच्यते।

"सूत्रार्थो वर्ण्यते यत्र पदैः सूत्रानुसारिभिः।
स्वपदानि च वर्ण्यन्ते भाष्यंभाष्यविदो विदुः"॥

जिस ग्रन्थ में सूत्र में आये हुए पदों से सूत्रार्थ का वर्णन किया जाता है,तथा ग्रन्थकार अपने द्वारा पद प्रस्तुत कर उनका वर्णन करता है उस ग्रन्थ को भाष्य के जानकार लोग "भाष्य"कहते हैं।

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